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ईचागढ़ के JLKM पदाधिकारी पर नकली नोट चलाने का आरोप, सिंदवारी बाजार में पकड़े गए

Admin17/10/2026👁️ 18 Views
ईचागढ़ के JLKM पदाधिकारी पर नकली नोट चलाने का आरोप, सिंदवारी बाजार में पकड़े गए

रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र के सिंदवारी बाजार में 500 रुपये के संदिग्ध नोटों से खरीदारी करने के आरोप में ईचागढ़ क्षेत्र के एक JLKM पदाधिकारी को स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस के हवाले किए जाने की खबर है। बरामद नोटों की सही संख्या और उनकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है।

**रांची/सरायकेला-खरसावां, 17 अक्टूबर 2026।** झारखंड के रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र स्थित सिंदवारी बाजार से नकली नोटों से जुड़ा एक मामला सामने आया है। प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड से जुड़े झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के एक पदाधिकारी को 500 रुपये के कथित नकली नोटों के साथ पकड़े जाने के बाद पुलिस के हवाले किया गया। इस घटना के बाद बाजार क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।

## खरीदारी के दौरान नोटों पर हुआ संदेह

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सालुकडीह गांव निवासी नागेश्वर महतो गुरुवार शाम सिंदवारी बाजार में खरीदारी करने पहुंचे थे। बताया गया कि सामान का भुगतान करते समय दुकानदार को 500 रुपये के नोटों पर संदेह हुआ।

इसके बाद दुकानदार और वहां मौजूद लोगों ने नोटों को लेकर सवाल उठाए। मामला बढ़ने पर स्थानीय लोगों ने संबंधित व्यक्ति को रोक लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी।

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## 500 रुपये के कई संदिग्ध नोट मिलने की खबर

प्रकाशित रिपोर्टों में व्यक्ति के पास से 500 रुपये के 40 से अधिक संदिग्ध नोट मिलने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में नोटों की संख्या को लेकर अंतर है। इसलिए बरामद नोटों की सही संख्या और उनके नकली होने की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस जांच या फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।

## ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ समाचार माध्यमों ने संबंधित व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने का भी उल्लेख किया है। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

इस तरह की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। किसी व्यक्ति पर आरोप लगने मात्र से अपराध साबित नहीं हो जाता।

## पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद नोट वास्तव में नकली थे या नहीं, उनकी संख्या कितनी थी और वे कहां से आए थे। इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा।

यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मामले में कौन-कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं और आगे की कार्रवाई क्या हुई है। खबर प्रकाशित करते समय गिरफ्तारी, बरामदगी और आरोपों से जुड़ी जानकारी की पुलिस से पुष्टि करना जरूरी है।

## बाजार में नकली नोटों से सावधान रहने की अपील

इस घटना के बाद दुकानदारों और आम लोगों के लिए जरूरी है कि वे नकदी से भुगतान लेते समय नोटों की सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें। यदि किसी नोट पर संदेह हो, तो खुद किसी से भिड़ने के बजाय पुलिस को सूचना दें।

**THE PUBLIC SAMACHAR की अपील:** किसी भी संदिग्ध नोट या लेन-देन की सूचना संबंधित पुलिस थाने को दें। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी न मानें और अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।

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