सौरभ राजपूत हत्याकांड में 30 सितंबर को आएगा कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल पर टिकी निगाहें
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में करीब 13 महीने चली अदालती कार्यवाही के बाद 30 सितंबर को फैसला सुनाया जाना है। मामले में 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।
मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला 30 सितंबर को आने वाला है। करीब 13 महीने चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मेरठ जिला अदालत में इस मामले पर फैसला सुनाया जाएगा। मामले में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत में पेश किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। फैसले से पहले जेल में बंद मुस्कान के बारे में बताया गया है कि वह सुबह और शाम पूजा-अर्चना कर रही है। वहीं सौरभ के परिजन भी अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
पुलिस और अभियोजन का क्या कहना है?
पुलिस और अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या के बाद शव को तीन टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट से सील कर दिया गया। इसके बाद दोनों के हिमाचल जाने की बात सामने आई थी।
बेटी की जिद से सामने आया मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को नानी के पास छोड़कर साहिल के साथ घूमने गई थी। वापस लौटने के बाद बेटी ने अपने पिता सौरभ से मिलने की जिद की। इसके बाद परिजनों द्वारा सौरभ के बारे में पूछे जाने पर मुस्कान के हत्या की बात स्वीकार करने और फिर उसे पुलिस के हवाले किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में है।
22 गवाहों के बयान दर्ज
करीब 13 महीने चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। रिपोर्ट के अनुसार, मामले में नीले ड्रम, चाकू, नींद की गोलियों और सीमेंट से जुड़े दुकानदारों की गवाही भी अदालत में हुई। अभियोजन ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत के सामने रखा।
अब दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं और 30 सितंबर को अदालत का फैसला आने का इंतजार है। अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना निर्णय सुनाएगी।
